PTV BHARAT 29 SEPTEMBER 2026 – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : महतारी वंदन की राशि का संदेश आते ही खिल उठता है रेखा का चेहरा – गौरेला विकासखंड के ग्राम सारबहरा निवासी श्रीमती रेखा कैवर्त के लिए मोबाइल पर महतारी वंदन योजना की राशि खाते में आने का संदेश आर्थिक सहारे की उम्मीद लेकर आता है। सीमित आय के बीच हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता से वे घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और अपनी सिलाई की दुकान के लिए जरूरी सामान का खर्च संभाल रही हैं।
सिलाई के काम से परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहीं रेखा – 42 वर्षीय रेखा कैवर्त गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार से हैं और छोटे स्तर पर टेलरिंग का काम करती हैं। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है, जो पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और सिलाई के लिए फाल-अस्तर जैसी सामग्री जुटाना उनके लिए चुनौती रहा है।
हर महीने की सहायता से कम हुई आर्थिक चिंता – रेखा बताती हैं कि पहले घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई की जरूरतों को लेकर अक्सर चिंता रहती थी। अब महतारी वंदन योजना की नियमित राशि से बच्चों की फीस और सिलाई के सामान के लिए पैसे की व्यवस्था करने में सहूलियत होती है। उनका कहना है कि हर महीने खाते में एक हजार रुपये आने से जरूरी खर्च संभालना आसान हुआ है और पहले जैसी चिंता नहीं रहती।
महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का भरोसा – रेखा के अनुसार, राशि सीधे महिलाओं के खाते में पहुंचने से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। वे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के साथ अपनी टेलरिंग की छोटी दुकान को भी आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रेखा ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उनके जैसी महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने राज्य शासन का धन्यवाद देते हुए बताया कि इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आवश्यकताओं में कर रही हैं।
रेखा की कहानी उन परिवारों की रोजमर्रा की चुनौतियों को सामने लाती है, जहां सीमित आय में बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और आजीविका से जुड़े खर्च एक साथ पूरे करने होते हैं। उनके अनुभव के अनुसार, हर महीने मिलने वाली सहायता ने इन खर्चों के प्रबंधन को आसान बनाया है और आर्थिक चिंता कम करने में मदद की है।

