PTV BHARAT 06 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा की कहानी : एक गाय से शुरू हुआ सफर, आज 10 पशुओं का समृद्ध पशुधन – सरगुजा जिले के ग्राम चटीरमा निवासी अगस्तु खाखा ने एक गाय से शुरू किए पशुपालन को मेहनत, लगन और पशुपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से परिवार की स्थायी आजीविका का आधार बनाया है। आज उनके पास 10 पशु हैं। चार गायों से प्रतिदिन करीब 30 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है और दूध बिक्री से नियमित आय के साथ उन्हें लगभग 15 हजार रुपए प्रतिमाह की शुद्ध आय हो रही है।
कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ा पशुधन – पशुपालन विभाग से नस्ल सुधार और बेहतर पशु देखभाल की जानकारी मिलने के बाद अगस्तु ने कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा अपनाई। इससे धीरे-धीरे उनके पशुधन की संख्या बढ़ती गई और पशुपालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
उन्नत नस्ल के पशुओं से अतिरिक्त आय – कृत्रिम गर्भाधान से प्राप्त पशुओं में से चार गायों और दो बछड़ों की बिक्री कर अगस्तु करीब 1 लाख 60 हजार रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित कर चुके हैं। वर्तमान में दो बछियां गर्भित हैं, जबकि तीन छोटी बछियां भविष्य में पशुधन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का आधार बनेंगी।
तकनीकी मार्गदर्शन से पशुपालन बना लाभकारी – अगस्तु का कहना है कि पशुपालन विभाग की तकनीकी सलाह, कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा और पशुओं की देखभाल संबंधी मार्गदर्शन से उन्हें पशुपालन को बेहतर और लाभकारी तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिली है। वे आने वाले समय में पशुधन की संख्या बढ़ाकर परिवार की आय को और मजबूत करना चाहते हैं।
अगस्तु खाखा की कहानी बताती है कि वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों और विभागीय तकनीकी सहयोग के माध्यम से छोटे स्तर से शुरू किया गया पशुपालन भी ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है।

