रायपुर : मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

PTV BHARAT 08 OCTOBER 2026 – रायपुर : मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की। इसके साथ ही योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

हर महीने सीधे खातों में पहुंच रहा आर्थिक संबल – 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है। सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में 20,075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी। 32वीं किस्त के बाद यह राशि 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का आधार है। महिलाएं इसका उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं को 37.19 करोड़ रुपये – 32वीं किस्त के तहत दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को घरेलू और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है तथा परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और निर्णय क्षमता मजबूत हो रही है।

दुर्ग के विकास कार्यों को 218.48 करोड़ रुपये की सौगात – कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इनमें 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण आईटीआई दुर्ग उन्नयन कार्य का लोकार्पण और 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। ये कार्य सड़क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा तथा विद्युत अधोसंरचना से जुड़े हैं।

सड़क और कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती – दुर्ग ग्रामीण में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग-22 के करीब 5 किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अहिवारा में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 24.06 करोड़ और जेवरा सिरसा-भटगांव 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 4.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पाटन में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15.03 करोड़, भिलाई-तर्रा मार्ग के 15 किलोमीटर मजबूतीकरण पर 8.33 करोड़ और पौहा-खपरी 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

युवाओं के कौशल और शिक्षा पर जोर – आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया। शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य और दुर्ग ग्रामीण में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलेंगी।

सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत – पाटन में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार और नहर रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग पर 2.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अहिवारा में मोहंदी, कपसदा और नंदौरी जलाशयों के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए क्रमशः 4.96 करोड़, 4.57 करोड़ और 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। दुर्ग ग्रामीण में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर 4.71-4.71 करोड़ तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार – दुर्ग शहर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रावास के लिए 16.16 करोड़ रुपये और जिला चिकित्सालय स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन में मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना – पाटन में 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर), 14 करोड़ रुपये से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन और 2.50 करोड़ रुपये से 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

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