धमतरी : सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समन्वय बैठक

PTV BHARAT 26 OCTOBER 2026 – धमतरी : सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समन्वय बैठक

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD), सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान और नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने की। इसमें पिछली बैठक के निर्णयों और निर्देशों के पालन की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

हेलमेट के उपयोग को आदत बनाएं अधिकारी-कर्मचारी

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए दोपहिया वाहनों से कार्यालय आने-जाने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर कलेक्टर से सभी विभाग प्रमुखों के माध्यम से अधिकारी-कर्मचारियों को समझाइश देने को कहा, ताकि हेलमेट पहनना उनकी नियमित आदत बने। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी स्वयं पहल करें, तो यातायात नियमों का पालन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस अवसर पर धमतरी शहर में यातायात पुलिस के सहयोग के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले एनसीसी, स्काउट-गाइड और एनएसएस के कैडेटों तथा सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

कलेक्टर ने शासकीय एवं निजी हाईस्कूलों और महाविद्यालयों में दोपहिया वाहनों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके लिए संबंधित संस्थानों के प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अपने कार्यालयों के सामने हेलमेट उपयोग संबंधी सूचना प्रदर्शित कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

जिला परिवहन अधिकारी को शहर के भीतर नियमानुसार स्पीड कैमरे स्थापित करने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाने वाले संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।

ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपाय करें

कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, दुर्घटना संभावित स्थलों और सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, गति सीमा के संकेतक, रंबल स्ट्रिप, कैमरे और रोड मार्किंग जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यातायात, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर सभी ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और स्थानीय सड़कों पर खुले में घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशुओं को खुले में छोड़ने वाले मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। नगरपालिका अधिकारियों को सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े ठेले-गुमटियों को व्यवस्थित कराने और सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने रायपुर-धमतरी मार्ग पर भखारा क्षेत्र से आवागमन करने वाले भारी वाहनों और ट्रकों के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लागू प्रतिबंधित समयावधि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा संबंधित मार्गों पर प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड दोबारा स्थापित करने को कहा। इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है।

दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

कलेक्टर ने निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के चिकित्सकों से भारत सरकार की पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी दुर्घटना पीड़ित के उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने चिकित्सकों से योजना के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और सुझावों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा, ताकि संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल की जा सके।

नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करें

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे की प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों को नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री तथा प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नशा मुक्ति के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।

बैठक में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर के अंतर्गत नशे की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने जागरूकता और सख्त कार्रवाई पर दिया जोर

पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का पालन, हेलमेट एवं अन्य सुरक्षा साधनों का उपयोग और वाहन चलाते समय सावधानी बरतना जरूरी है। सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर निरंतर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के विरुद्ध सतत निगरानी रखते हुए दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता, परिवारों की सहभागिता और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित विभागों को कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों को नए कानूनों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी, निजी अस्पतालों के चिकित्सक, ऑटो एवं ई-रिक्शा सहित विभिन्न परिवहन संघों के पदाधिकारी, जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *