PTV BHARAT 3 NOVEMBER 2026 – रायपुर : राज्योत्सव में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रदर्शनी वैज्ञानिक खोजों, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के जरिए विकसित छत्तीसगढ़ की नई संभावनाओं को सामने ला रही है। प्रदर्शनी में खगोल विज्ञान, औषधीय अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक और ग्रामीण विकास से जुड़े नवाचारों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें शून्य छाया दिवस की खगोलीय घटना से लेकर मोटे अनाजों में कैंसर रोधी गुणों के अनुसंधान तक की जानकारी आम नागरिकों और विद्यार्थियों को मिल रही है।
कर्क रेखा पर प्रस्तावित एस्ट्रो साइंस सेंटर, समझ सकेंगे शून्य छाया दिवस का रहस्य
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण ‘जीरो शैडो डे’ यानी शून्य छाया दिवस का वैज्ञानिक प्रदर्शन है। सूरजपुर जिले की प्रतापपुर तहसील के ग्राम मायापुर में कर्क रेखा पर एस्ट्रो साइंस सेंटर प्रस्तावित है। शून्य छाया दिवस वह खगोलीय घटना है, जब स्थानीय सौर दोपहर में सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है और सीधी खड़ी वस्तु की छाया लगभग शून्य हो जाती है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इस घटना की संभावित तिथियों और समय की जानकारी दी गई है। प्रस्तावित केंद्र विद्यार्थियों और नागरिकों को खगोल विज्ञान तथा पृथ्वी-सूर्य की स्थिति से जुड़ी घटनाओं को समझने का अवसर देगा।
चार जिलों में प्रौद्योगिकी ग्राम केंद्रों से ग्रामीण विकास को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा बिलासपुर जिले के भड़हा, कबीरधाम के ठाठापुर, धमतरी के शिवि और बलरामपुर के सनावर में संचालित प्रौद्योगिकी ग्राम केंद्रों की गतिविधियां भी प्रदर्शित की गई हैं। इन केंद्रों में किसानों और ग्रामीणों को उन्नत कृषि तकनीक, ड्रोन, रोबोटिक्स, जैविक खाद निर्माण और मोबाइल बैंकिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, तकनीक उपलब्ध कराकर इन गांवों को मॉडल प्रौद्योगिकी ग्राम के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है।
मिलेट्स में कैंसर रोधी गुणों पर अनुसंधान, औषधीय संभावनाओं का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में रागी, कोदो और बाजरा जैसे मिलेट्स में मौजूद जैव-सक्रिय तत्वों पर किए जा रहे अनुसंधान को भी दर्शाया गया है। इनके संभावित कैंसर रोधी गुणों के अध्ययन के साथ अर्क और सक्रिय घटकों की पहचान की प्रक्रिया प्रस्तुत की गई है।
रागी और कोदो के अर्क की प्रारंभिक फाइटोकेमिकल स्क्रीनिंग में एल्कलॉइड्स, फ्लेवोनॉइड्स, फिनोलिक यौगिक, टैनिन्स और फाइटोस्टेरॉल्स सहित सात प्रकार के घटकों की उपस्थिति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन जैव-सक्रिय तत्वों का परीक्षण जारी है। अनुसंधान के जरिए भविष्य में कैंसर रोधी औषधियों के विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
नवा रायपुर की प्रस्तावित साइंस सिटी में दिखेगी भविष्य की तकनीक
प्रदर्शनी में नवा रायपुर में प्रस्तावित साइंस सिटी की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है। इसमें जलवायु परिवर्तन, खनिजों की दुनिया, अंतरिक्ष एवं खगोल विज्ञान और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित चार प्रमुख दीर्घाएं प्रस्तावित हैं। इन दीर्घाओं में सौरमंडल, अंतरिक्ष अन्वेषण, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट सिटी जैसी आधुनिक अवधारणाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
एआई गैलरी से साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता, ड्रोन से अवैध निर्माण की पहचान
छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में प्रस्तावित ‘एआई-अल्टर्ड आइडेंटिटी’ गैलरी की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। इसके माध्यम से डीपफेक, वॉइस क्लोनिंग, चेहरे की डिजिटल नकल, बायोमेट्रिक सुरक्षा और अन्य साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा, ड्रोन आधारित त्रिस्तरीय स्थलाकृतिक सर्वेक्षण तकनीक का प्रदर्शन किया गया है। इस तकनीक से जमीन की बनावट, सड़कों, भवनों और अन्य अधोसंरचनाओं का सर्वेक्षण किया जा सकता है। इससे नगरीय निकायों को अवैध निर्माण की पहचान, संपत्तियों के सत्यापन और राजस्व संग्रहण में मदद मिल सकती है। भिलाई में इस तकनीक से सर्वेक्षण किया जा चुका है।
प्रदर्शनी में ट्रिनिटी एफ-90 और अस्त्रअयम ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए हैं। यह तकनीकी पहल आईआईटी भिलाई के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत विकसित की गई है।

