PTV BHARAT 09 MARCH 2026 नई दिल्ली-देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संस्थागत सुधारों पर जोर दिया है. उन्होंने हाईकोर्ट्स के कॉलेजियम को योग्य महिला वकीलों को जजों के तौर पर नियुक्त किए जाने को लेकर गंभीरता से विचार करने को कहा है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व देश की 65 करोड़ माताओं, बहनों और बेटियों के विश्वास से जुड़ा है, जिन्हें यह भरोसा होना चाहिए कि न्याय व्यवस्था उनकी वास्विकताओं को समझती है और उनके साथ निष्पक्षता से पेश आएगी. रविवार (8 मार्च, 2026) को सीजेआई सूर्यकांत ने इंडियन वीमेन इन लॉ के पहले सम्मेलन में ‘हाफ द नेशन-हाफ द बेंच, ब्रिज द गैप-बैलेंस द बेंच’ टॉपिक पर बोलते हुए यह बात कही है. सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि बार के सदस्यों को एक साधारण सी वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए कि महिला सदस्य रियायतें नहीं मांग रही हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘वे निष्पक्ष और उचित प्रतिनिधित्व की मांग कर रही हैं, जो लंबे समय से लंबित है. जब स्वयं यह पेशा इस सत्य को आत्मसात कर लेगा, तभी न्यायपालिका तक पहुंचने का मार्ग स्पष्ट होगा.’ इस पर वहां मौजूद महिला वकीलों और न्यायपालिका के सदस्यों ने काफी तालियां बजाईं
न्यायपालिका में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व देश की 65 करोड़ माताओं, बहनों और बेटियों के विश्वास से जुड़ा है-CJI
