PTV BHARAT 23 JUNE 2026 – रायपुर : बस्तर संभाग में शुद्ध पेयजल के लिए सघन क्लोरीनेशन अभियान, 28 हजार से अधिक हैंडपंप होंगे जीवाणुमुक्त – ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जगदलपुर मंडल द्वारा बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में सघन क्लोरीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। वर्षा ऋतु के पूर्व शुरू किए गए इस अभियान के तहत हैंडपंपों और नल-जल योजनाओं का व्यापक स्तर पर क्लोरीनेशन किया जा रहा है।
महिला जल वाहिनी की सक्रिय भागीदारी
अभियान के दौरान मैदानी अमले द्वारा गांवों में स्थापित सभी पेयजल स्रोतों को जीवाणुरहित बनाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसमें स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। जल प्रबंधन से अधिकतर महिलाओं के जुड़े होने के कारण महिला जल वाहिनी की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
जल प्रदाय टंकियों की भी सफाई
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता कैलाश मंडरिया ने बताया कि 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के 28 हजार 500 से अधिक हैंडपंपों तथा 1 हजार से अधिक नल-जल योजनाओं के क्लोरीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही जल प्रदाय योजनाओं की टंकियों की सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
5 हजार से अधिक राइजर पाइप बदले गए
अधीक्षण अभियंता कैलाश मंडरिया ने बताया कि क्लोरीनेशन अभियान के साथ-साथ हैंडपंपों की संधारण स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अप्रैल माह से चलाए गए विशेष संधारण अभियान के तहत लगभग 3 हजार हैंडपंपों की मरम्मत की गई है तथा 5 हजार 600 से अधिक राइजर पाइप बदले गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी लगभग 5 हजार 500 से अधिक राइजर पाइप और अन्य आवश्यक स्पेयर पार्ट्स संबंधित जिलों को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आवश्यकता अनुसार हैंडपंपों का मरम्मत एवं सुधार कार्य लगातार जारी रखा जा सके।
इस अभियान का उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित रोगों की रोकथाम करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

