PTV BHARAT 15 JULY 2026 रायपुर : गांव में रोजगार, घर में खुशहाली से बदल रही ग्रामीणों की जिंदगी – विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी योजना सुकमा जिले के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। योजना के तहत ग्रामीणों को अपने ही गांव में 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। इससे आय बढ़ने के साथ पलायन में भी कमी आई है।
गांव में ही मिल रहा सम्मानजनक रोजगार
पहले रोजगार की तलाश में ग्रामीणों को दूसरे शहरों और राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब गांव में ही नियमित काम मिलने से वे परिवार के साथ रहकर आजीविका चला रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
सड़क निर्माण से रोजगार और सुविधा दोनों
ग्राम पंचायत गादीरास के शासकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है, वहीं विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना भी आसान हो गया है। विद्यालय के शिक्षक बसंत शर्मा ने बताया कि बरसात में कीचड़ की समस्या खत्म होने से बच्चों को अब सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल रही है।
बढ़ी मजदूरी से बढ़ा आत्मविश्वास
योजना से लाभान्वित श्रमिक रवि पेद्दी ने बताया कि पहले सीमित रोजगार के कारण परिवार चलाना मुश्किल था, लेकिन अब 125 दिनों का काम और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलने से घर की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और बचत भी हो रही है। वहीं अरविंद पेद्दी ने कहा कि गांव में ही रोजगार मिलने से अब बाहर पलायन नहीं करना पड़ता।
तेजी से बदल रही गांवों की तस्वीर
जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार जिले में पेवर ब्लॉक सड़क, गाय शेड, बकरी शेड, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और आवास निर्माण जैसे कई विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। जिले की 160 ग्राम पंचायतों में से 134 पंचायतों में कार्य प्रगति पर हैं। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा निवारण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना से रोजगार बढ़ा है, आय में सुधार हुआ है और गांवों में विकास की रफ्तार तेज हुई है। वीबी-जी रामजी योजना ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

