रायपुर : रायपुर रीजन में 92 किसानों व स्व-सहायता समूहों को 71.49 करोड़ रुपए की कृषि ऋण ​सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा स्वीकृत

PTV BHARAT 18 AUGUST 2026 – धमतरी : रायपुर रीजन में 92 किसानों और स्व-सहायता समूहों को 71.49 करोड़ रुपये का कृषि ऋण स्वीकृत – किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने धमतरी में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बैंक के रायपुर रीजन की ओर से 92 किसान हितग्राहियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कुल 71.49 करोड़ रुपये के कृषि ऋण स्वीकृत किए गए।

कार्यक्रम में धमतरी और आसपास के क्षेत्रों से करीब 100 किसान प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बैंक अधिकारी शामिल हुए। किसानों को खेती की लागत और फसल संबंधी आवश्यकताओं के लिए समय पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

कृषि यंत्रीकरण से डेयरी और मत्स्य पालन तक मिलेगा वित्तीय सहयोग

स्वीकृत ऋण से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध गतिविधियों के विस्तार में वित्तीय सहायता मिलेगी। बैंक के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की गैर-संस्थागत साहूकारों पर निर्भरता कम करना और उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया।

समय पर ऋण कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक के महाप्रबंधक रोहित कुमार ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बैंक का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों को उपयुक्त वित्तीय उत्पाद, आधुनिक तकनीक और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनके समग्र विकास में सहयोग करना है। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी संवाद और किसान-केंद्रित बैंकिंग व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया।

किसानों और बैंक अधिकारियों के बीच सीधा संवाद

कार्यक्रम में किसानों और बैंक अधिकारियों के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। किसानों ने बैंकिंग सेवाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वहीं अधिकारियों ने ऋण पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल एवं किसान-हितैषी बनाने के संबंध में जानकारी दी।

यह कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

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