PTV BHARAT 04 OCTOBER 2026 – रायपुर : शिक्षा मंत्री की पहल, विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे बार-बार चक्कर – विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किया गया है। अब विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा में उपलब्ध हो सकेंगे।
डुप्लीकेट अंकसूची और माइग्रेशन प्रमाण-पत्र के लिए 60 दिन की समय-सीमा – नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी जैसी सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ा गया है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाएं भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 60 दिवस के भीतर प्रदान की जाएंगी।
विद्यार्थी पढ़ाई और भविष्य निर्माण पर दें ध्यान – स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए परेशान होना स्वीकार्य नहीं है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी-केंद्रित और सुविधाजनक बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रयास है कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं, न कि जरूरी दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में। इन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के दायरे में लाने से व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
निर्धारित समय-सीमा के पालन के निर्देश – शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेज प्राप्त करने अथवा परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए किसी विद्यार्थी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इस व्यवस्था से उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और उत्तरपुस्तिका संबंधी सेवाओं की जरूरत वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। समय-सीमा तय होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवेदन के निराकरण को लेकर स्पष्टता मिलेगी और अनावश्यक विलंब पर अंकुश लगेगा।

