PTV BHARAT 23 AUGUST 2026 – रायपुर : सुकमा के दूरस्थ गांवों में पहुंची मोबाइल कनेक्टिविटी, अब गांव में ही बज रही मोबाइल की घंटी – सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचलों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। गोंडिगुड़ा सहित सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांवों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा।
गांव में ही मिल रहा मोबाइल नेटवर्क
वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण ग्रामीणों को जरूरी फोन करने के लिए दूर जाना पड़ता था। अब नेटवर्क सुविधा गांव तक पहुंचने से वे अपने परिवार और परिचितों से आसानी से संपर्क कर सकेंगे।
मोबाइल कनेक्टिविटी मिलने से रोजमर्रा के जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं तक पहुंच भी आसान हुई है।
शिक्षा और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच
मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से विद्यार्थी अब ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकेंगे। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी समय पर मिल सकेगी।
डिजिटल बैंकिंग और डीबीटी से जुड़ी सेवाओं का उपयोग आसान होने के साथ आपात स्थिति में स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस और प्रशासन से संपर्क करने में भी सुविधा होगी।
युवाओं और स्थानीय कारोबार के लिए नए अवसर
इंटरनेट की सुविधा से ग्रामीण युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कर सकेंगे। वहीं वनोपज, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोग डिजिटल माध्यम से बड़े बाजारों और संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाने के अवसर तलाश सकेंगे।
4G सैचुरेशन परियोजना से मजबूत हो रहा नेटवर्क
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद के अनुसार बीएसएनएल की 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इससे वनांचल क्षेत्रों में बेहतर कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
सुकमा के दूरस्थ गांवों में अब बजती मोबाइल की घंटी केवल संपर्क का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और आपातकालीन सहायता से जुड़ने का नया माध्यम बन रही है।

