PTV BHARAT 23 AUGUST 2026 – रायपुर : विष्णु भैया के सुशासन में विष्णुभोग की महक से महक रहा जीपीएम – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का सुगंधित विष्णुभोग चावल अब जिले की कृषि पहचान के साथ किसानों और महिला उद्यमियों की आय का साधन भी बन रहा है। भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत विष्णुभोग चावल को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में चुना गया है।
1,500 किसान कर रहे विष्णुभोग की खेती
पेंड्रा क्षेत्र में करीब 1,500 किसान लगभग 600 एकड़ भूमि में विष्णुभोग धान की खेती कर रहे हैं। इसकी खास सुगंध और स्वाद के कारण इसकी अलग पहचान बनी है।
विष्णुभोग की खेती से किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल रहे हैं और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
किसानों से खरीदी, महिलाओं ने संभाली प्रोसेसिंग और मार्केटिंग
मलनिया महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, पेंड्रा द्वारा किसानों से विष्णुभोग धान खरीदा जाता है। इसके बाद मिनी राइस मिल में धान का प्रसंस्करण कर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ इसे बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया में 15 महिला सदस्यों को स्थायी रोजगार मिला है। महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
2 टन चावल की बिक्री, करीब 1 लाख रुपये का लाभ
महिला समूह द्वारा अब तक करीब 2 टन विष्णुभोग चावल की बिक्री की जा चुकी है। इससे समूह को लगभग 1 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।
यह पहल दिखाती है कि स्थानीय कृषि उत्पाद को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उसकी प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग से किसानों और महिला समूहों के लिए अतिरिक्त आर्थिक मूल्य तैयार किया जा सकता है।
स्थानीय उत्पाद से राष्ट्रीय पहचान की ओर
ODOP के जरिए विष्णुभोग चावल को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का मंच मिल रहा है। बढ़ती मांग से किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
जीपीएम का विष्णुभोग अब खेतों से आगे बढ़कर बाजारों तक पहुंच रहा है और किसानों की मेहनत, महिलाओं के स्वावलंबन तथा स्थानीय उद्यमिता की पहचान बनता जा रहा है।

