PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – रायपुर : मुख्यमंत्री ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ को दिखाई हरी झंडी, स्कूलों तक पहुंचेगी चलती-फिरती विज्ञानशाला – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह चलती-फिरती विज्ञानशाला स्कूलों और विद्यार्थियों तक विज्ञान के प्रयोग, वैज्ञानिक मॉडल और गतिविधियां पहुंचाएगी। खासतौर पर उन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है।
किताबों से निकलकर प्रयोगशाला पहुंचेगा विज्ञान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में अपने आसपास की दुनिया को समझने की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ उन्हें किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोग करके समझने का अवसर देगी।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित होगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका को देखते हुए स्कूली स्तर पर ही बच्चों को इनके व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना जरूरी है।
चार मॉड्यूल में सीखेंगे आधुनिक विज्ञान
‘साइंस ऑन व्हील्स’ में विद्यार्थियों को मुख्य रूप से चार मॉड्यूल के जरिए सीखने का अवसर मिलेगा।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से बच्चे ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान को समझेंगे।
रोबोटिक्स के जरिए नई तकनीक, नवाचार और भविष्य के तकनीकी कौशल से परिचय होगा।
सतत विकास मॉड्यूल पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की समझ विकसित करेगा।
वहीं जल निस्पंदन के माध्यम से स्वच्छ जल, जल संरक्षण और उससे जुड़े वैज्ञानिक समाधानों को प्रयोगों द्वारा समझाया जाएगा।
एक बार का कार्यक्रम नहीं, निरंतर वैज्ञानिक सीख
इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को एक दिन प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि उनमें विज्ञान और तकनीक के प्रति स्थायी रुचि विकसित करना है।
गतिविधियों, प्रयोगों और वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से बच्चों को स्वयं सवाल पूछने, उत्तर तलाशने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे तार्किक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता को बढ़ावा देने का प्रयास होगा।
तीन राज्यों में संचालित हो रहा ‘साइंस ऑन व्हील्स’
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल से इस परियोजना को सहयोग दिया जा रहा है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा से जोड़ना, युवा मन में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें नई तकनीक एवं नवाचार के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की पहल बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में उपयोगी होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

