PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – जशपुर : बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – रक्षाबंधन के अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र की बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी ओर से बांधी गई राखी स्वीकार कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
बहनों का विश्वास बनाए रखना मेरा दायित्व : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों से मिला स्नेह उनके लिए सौभाग्य है और उनके विश्वास को बनाए रखना उनका दायित्व है।
उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली परिवार को मजबूत करते हैं और मजबूत परिवारों से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होता है।
केरसई को मिली विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की मांगों को स्वीकार करते हुए कई विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, मिनी स्टेडियम, केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क, कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन और ऊपरकछार में महतारी सदन शामिल हैं।
केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन का भी उल्लेख किया गया।
13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों के केंद्र में महिलाओं का सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
68 लाख बहनों को महतारी वंदन का सहारा
महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और सिलाई-कढ़ाई जैसी आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।
उन्होंने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। जशपुर की बहनों को 50 ई-रिक्शा दिए जाने से उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए उन लोगों को भी धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है, जो आर्थिक कारणों से पहले ऐसा नहीं कर पाते थे।
नक्सलवाद के कमजोर होने से विकास को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई से दूरस्थ एवं प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया वातावरण बना है। सड़क, बिजली, पानी, राशन और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा—सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी देते हुए अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे दर्ज कराने की अपील की।
उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाने का भी आग्रह किया।
जशपुर में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर में मेडिकल कॉलेज, एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका आयुषी को पासबुक और स्वामित्व योजना के तहत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया और महिलाओं को अपनी आर्थिक गतिविधियां आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक गोमती साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

