धमतरी : पिता के निधन के तीन माह से भी कम समय में बेटी को मिली अनुकंपा नियुक्ति

PTV BHARAT 1 SEPTEMBER 2026 – धमतरी : पिता के निधन के तीन माह से भी कम समय में बेटी को मिली अनुकंपा नियुक्ति – जिला पंचायत धमतरी ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वर्गीय भूपेन्द्र देवांगन की पुत्री सुश्री गायत्री देवांगन को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी सेवा शर्तों और शासन के प्रचलित निर्देशों के अनुरूप उनके पिता के निधन के तीन माह से भी कम समय में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पंचायत सचिव (कर्मी) के पद पर नियुक्ति आदेश सौंपा गया।

जिला पंचायत सीईओ ने सौंपा नियुक्ति आदेश

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने जिला पंचायत कार्यालय में सुश्री गायत्री देवांगन को नियुक्ति आदेश प्रदान किया। इस अवसर पर जिला लेखाधिकारी चंदन टंडन और उपसंचालक पंचायत नकुल प्रसाद वर्मा उपस्थित रहे।

पिता के निधन के बाद परिवार पर आया आर्थिक संकट

स्वर्गीय भूपेन्द्र देवांगन जनपद पंचायत नगरी अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हरिया में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनका 4 मई 2026 को हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। उनकी सेवा अवधि में लगभग आठ वर्ष शेष थे।

आकस्मिक निधन के बाद परिवार के सामने उत्पन्न आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों को देखते हुए शासन के प्रावधानों के तहत उनकी पुत्री गायत्री देवांगन को अनुकंपा नियुक्ति दी गई।

दो वर्ष की परिवीक्षा, दो माह का उन्मुखीकरण

सुश्री गायत्री देवांगन को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर अस्थायी रूप से जनपद पंचायत नगरी में पदस्थ किया गया है। नियुक्ति के बाद उन्हें दो माह की उन्मुखीकरण अवधि में जनपद पंचायत नगरी में कार्य करने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान वह पंचायत सचिव के दायित्वों, पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की कार्यप्रणाली से परिचित होंगी।

उन्मुखीकरण अवधि पूरी होने के बाद संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा रिक्त ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के आधार पर उनकी पदस्थापना की जाएगी।

सेवा शर्तों के अनुसार होगा नियमित मूल्यांकन

नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित सेवा शर्तों और नियमों के अधीन रहेगी। परिवीक्षा अवधि के दौरान उनके कार्य, व्यवहार और आचरण का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।

नियुक्ति आदेश के अनुसार गायत्री देवांगन को पांच दिवस के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा।

परिवार को मिला आर्थिक संबल

अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य शासकीय सेवक की मृत्यु के बाद परिवार के एक सदस्य को रोजगार का अवसर देकर उसे आर्थिक संबल उपलब्ध कराना है। गायत्री देवांगन को मिली यह नियुक्ति उनके परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने और आर्थिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी।

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