धमतरी : पीढ़ियों से संरक्षित ‘चिरपोटी टमाटर’ को मिली कानूनी पहचान, कृषक बंसी लाल सोरी सम्मानित

PTV BHARAT 1 SEPTEMBER 2026 – धमतरी : पीढ़ियों से संरक्षित ‘चिरपोटी टमाटर’ को मिली कानूनी पहचान, कृषक बंसी लाल सोरी सम्मानित – नगरी विकासखंड के ग्राम गुहनानाला के किसान बंसी लाल सोरी द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित स्थानीय एवं पारंपरिक ‘चिरपोटी टमाटर’ किस्म को पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) के तहत पंजीयन के माध्यम से आधिकारिक पहचान मिली है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बंसी लाल सोरी को साल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक स्थानीय फसल किस्म के संरक्षण की पहचान नहीं है, बल्कि किसानों के पारंपरिक कृषि ज्ञान, बीज संरक्षण की परंपरा और कृषि जैव-विविधता को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

पिता से मिली विरासत को आगे बढ़ा रहे बंसी लाल

बंसी लाल सोरी के परिवार में ‘चिरपोटी टमाटर’ का संरक्षण और उत्पादन उनके स्वर्गीय पिता मंगलू राम सोरी के समय से किया जा रहा है। पिता द्वारा वर्षों तक इस स्थानीय किस्म के बीज को सुरक्षित रखने के बाद बंसी लाल ने इस पारंपरिक कृषि विरासत को आगे बढ़ाया और बीज संरक्षण एवं उत्पादन का कार्य जारी रखा।

पीढ़ियों से संरक्षित यह किस्म स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किसानों द्वारा विकसित और सुरक्षित रखे गए पारंपरिक कृषि ज्ञान की मिसाल है।

कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से हुआ पंजीयन

‘चिरपोटी टमाटर’ के दस्तावेजीकरण और पंजीयन में कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी ने तकनीकी सहयोग दिया। किस्म से संबंधित जानकारी जुटाने, दस्तावेजीकरण और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया में केंद्र ने सहायता की।

प्राप्त प्रमाण-पत्र के अनुसार ‘चिरपोटी टमाटर’ का Registration No. REG/2016/1380 है। इसका आवेदन 7 सितंबर 2016 को दाखिल किया गया था और पंजीयन 8 जनवरी 2024 को प्रदान किया गया।

कृषक किस्म के अधिकारों को मिलेगा संरक्षण

PPV&FRA के अंतर्गत कृषक किस्म का पंजीयन होने से स्थानीय और पारंपरिक फसल किस्मों को औपचारिक पहचान मिलती है। निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत किसानों के अधिकारों, पारंपरिक बीजों और कृषि जैव-विविधता के संरक्षण को मजबूती मिलती है।

पंजीयन से संरक्षित किस्मों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और आगे के उपयोग के अवसर भी बढ़ते हैं। यह अन्य किसानों को भी अपनी विशिष्ट स्थानीय किस्मों के दस्तावेजीकरण और पंजीयन के लिए प्रोत्साहित करता है।

धमतरी की कृषि विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण उपलब्धि

‘चिरपोटी टमाटर’ का पंजीयन धमतरी की कृषि विविधता और पारंपरिक बीज संरक्षण की समृद्ध परंपरा को पहचान देता है। ऐसी स्थानीय किस्में केवल फसल नहीं, बल्कि क्षेत्र की कृषि संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और जैव-विविधता की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।

बंसी लाल सोरी ने अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस किस्म का संरक्षण किया, जिसे अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने सराहनीय बताया।

किसानों से स्थानीय किस्मों की जानकारी साझा करने की अपील

कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी ने किसानों से अपील की है कि उनके पास लंबे समय से संरक्षित कोई विशिष्ट स्थानीय या पारंपरिक फसल किस्म, बीज अथवा कृषि संसाधन हो तो उसकी जानकारी केंद्र को दें। ऐसी किस्मों के दस्तावेजीकरण और PPV&FRA के तहत संभावित पंजीयन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ईश्वर सिंह, सहायक संचालक कृषि मनोज सागर, PPV&FRA प्रभारी प्रेमलाल साहू एवं डॉ. दीपिका चंद्रवंशी उपस्थित रहे।

‘चिरपोटी टमाटर’ का पंजीयन यह संदेश देता है कि किसान के खेत में पीढ़ियों से सुरक्षित बीज केवल फसल का स्रोत नहीं, बल्कि स्थानीय कृषि परंपरा, ज्ञान और जैव-विविधता की जीवंत विरासत भी है।

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