PTV BHARAT 24 SEPTEMBER 2026 – कोरिया : सेवा की कहानी : बच्चों की किलकारी से गूंज रहा पटेलपारा का आंगनबाड़ी केंद्र – पटेलपारा में नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हुआ है। पहले कच्चे मकान में संचालित केंद्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पालक चिंतित रहते थे और बच्चों की नियमित उपस्थिति भी प्रभावित होती थी। अब नया भवन बनने से पालक बच्चों को नियमित रूप से केंद्र तक ला रहे हैं और महिलाओं व बच्चों को विभिन्न सेवाओं का बेहतर लाभ मिल रहा है।
कच्चे भवन में सुरक्षा की चिंता – कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से लगे ग्राम पंचायत कंचनपुर के पटेलपारा में आंगनबाड़ी केंद्र पहले स्थानीय रहवासी के कच्चे मकान में संचालित होता था। भवन की कमी के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर पालक चिंतित रहते थे, जिससे कई पालक बच्चों को नियमित रूप से केंद्र भेजने से बचते थे।
असुविधाओं के कारण योजनाओं का लाभ प्रभावित – आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की प्राथमिक शिक्षा के साथ गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। भवन नहीं होने के कारण महिलाओं और बच्चों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कठिनाइयां आती थीं।
अभिसरण से बना नया भवन – ग्राम पंचायत कंचनपुर ने पटेलपारा में आंगनबाड़ी भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के अभिसरण से भवन निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिली और निर्धारित समय में निर्माण पूरा किया गया।
11.69 लाख मनरेगा और 3.69 लाख की राशि – भवन निर्माण के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मनरेगा योजना से 11 लाख 69 हजार रुपये और महिला एवं बाल विकास विभाग से 3 लाख 69 हजार रुपये की राशि दी गई। ग्राम पंचायत कंचनपुर को निर्माण एजेंसी बनाया गया।
सुरक्षित बचपन और मातृ शक्ति को मिला बेहतर वातावरण – केंद्र की संचालिका श्रीमती पुष्पा ने बताया कि पहले किराए के कच्चे भवन में बच्चों की सुरक्षा, पोषण सामग्री रखने और शौचालय की समस्या रहती थी। बारिश के मौसम में संचालन और कठिन हो जाता था और पालक बच्चों को भेजने से कतराते थे। नए व्यवस्थित भवन में स्वच्छ शौचालय और पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने से बच्चों व महिलाओं की उपस्थिति बढ़ी है तथा खाद्यान्न रखने में भी सुविधा हो रही है।

