PTV BHARAT 29 SEPTEMBER 2026 – बस्तर : बाढ़ प्रभावितों की राहत और पुनर्वास के लिए प्रशासन के साथ समाज और स्कूली बच्चे भी आए आगे – बस्तर संभाग में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता और पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में समाज के विभिन्न वर्ग भी सहयोग के लिए आगे आए हैं। दरभा विकासखंड के ग्राम छिंदबहार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तथा उत्कल समाज बस्तर संभाग ने बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
स्कूली बच्चों और उत्कल समाज ने दी आर्थिक मदद – कलेक्ट्रेट के प्रेरणा कक्ष में समय-सीमा बैठक के दौरान छिंदबहार स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात कर बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,001 रुपये की सहयोग राशि सौंपी। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संकट के समय सामूहिक संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक उदाहरण बताया। वहीं उत्कल समाज बस्तर संभाग ने मुख्यमंत्री बाढ़ आपदा राहत कोष में 21 हजार रुपये का चेक सौंपा। समाज ने राहत शिविरों के संचालन और अन्य आवश्यक राहत कार्यों में प्रशासन के सहयोग के उद्देश्य से यह राशि प्रदान की। इस अवसर पर जिला पंचायत CEO तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर सीपी बघेल और नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित अधिकारी मौजूद रहे।
राहत के बाद अब पुनर्वास पर विशेष जोर – समय-सीमा बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने बाढ़ के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। राहत शिविरों की व्यवस्था, क्षति सर्वेक्षण, स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत व्यवस्था सहित विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने जिला प्रशासन और SDRF के बचाव कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अब प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
राजस्व अमले को मकान, फसल, पशु क्षति और जनहानि का त्वरित सर्वेक्षण कर प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रभावितों को समय पर राहत और मुआवजा मिल सके। दो दिन से अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में कपड़े एवं बर्तनों के नुकसान के लिए निर्धारित राहत राशि स्वीकृत करने तथा क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए निःशुल्क बांस-बल्ली उपलब्ध कराने के प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया।
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर – जलभराव के बाद डायरिया, पीलिया, टायफाइड, मलेरिया और चर्म रोग जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को घर-घर निगरानी, क्लोरीन की गोलियां वितरण और पानी उबालकर पीने के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को क्षतिग्रस्त हैंडपंप और पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत कर शुद्ध एवं क्लोरीनेटेड पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया।
विद्युत विभाग को जलस्तर सामान्य हो चुके क्षेत्रों में सब-स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों की जांच एवं आवश्यक मरम्मत कर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो सके।

