PTV BHARAT 30 SEPTEMBER 2026 – रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह बात मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण पहलों के अवसर पर कही। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। साथ ही छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू हुआ तथा नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।
नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त उप अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। उन्होंने युवा अभियंताओं से तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए गुणवत्ता, समयबद्धता, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी अवसर तैयार किए जा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। आने वाले वर्षों में करीब पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है।
चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के एमओयू से डिजिटल सेवाओं का विस्तार – मुख्यमंत्री की उपस्थिति में चिप्स के CEO मयंक अग्रवाल और कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पज व्हीकल के स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सेवा सेतु पोर्टल की नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने तथा CSC की सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में काम होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं नजदीकी केंद्रों पर मिल सकेंगी।
सेवा सेतु और CSC केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे तथा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने के लिए ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।
16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन – वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया गया है। वहीं प्रदेश में 28,450 सक्रिय CSC के माध्यम से 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं दी जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच इन केंद्रों तक भी विस्तारित होगी।
एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी – मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा सेतु को व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं का उद्देश्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम करना, सेवा वितरण को समयबद्ध बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है। नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है, जिससे तहसीलदार से सचिव स्तर तक करीब 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं।
नवा रायपुर में 250 करोड़ की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट – कार्यक्रम में संस्थान की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। करीब 20 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसे उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना जरूरी है। संस्थान युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नवा रायपुर को शिक्षा और कौशल के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर – आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना आर्थिक विकास की बुनियाद है और इसमें इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
नागरिकों को केंद्रों पर मिलेगी सेवाओं की स्पष्ट जानकारी – सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा केंद्रों पर जाति, निवास, EWS और विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। केंद्र सरकार से जुड़ी आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा और बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के CEO चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

