PTV BHARAT 06 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : समूह से मिला एक लाख रुपये का सहारा, दुकान और ठेले से आत्मनिर्भर बनीं लाजो – सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम लिबरा की लाजो ने खेती-बाड़ी का साधन नहीं होने के बावजूद स्व-सहायता समूह से मिले एक लाख रुपए के ऋण से स्वरोजगार का रास्ता तैयार किया। उन्होंने इस राशि से दुकान और ठेला शुरू किया और अब इसी व्यवसाय से परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ ऋण की मूल राशि और ब्याज भी चुका रही हैं।
एक लाख रुपए के ऋण से शुरू किया व्यवसाय – लाजो बताती हैं कि खेती का साधन नहीं होने के कारण परिवार के भरण-पोषण के लिए नियमित आय का स्रोत जरूरी था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें एक लाख रुपए का ऋण मिला, जिसका उपयोग उन्होंने दुकान और ठेला शुरू करने में किया। धीरे-धीरे व्यवसाय से आमदनी होने लगी और परिवार के लिए नियमित आय का जरिया तैयार हुआ।
चार सदस्यीय परिवार की बनीं मजबूत सहारा – लाजो के परिवार में चार सदस्य हैं। दुकान और ठेले से होने वाली आय से वे घर के जरूरी खर्च पूरे कर रही हैं। स्वरोजगार ने उन्हें परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालने के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
परिवार संभालने के साथ ऋण भी चुका रहीं – व्यवसाय से होने वाली आमदनी से लाजो परिवार का भरण-पोषण करने के साथ स्व-सहायता समूह से लिए गए ऋण की मूल राशि और ब्याज का भुगतान भी कर रही हैं। उनका कहना है कि व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और समूह से मिली सहायता ने उन्हें स्वयं का काम शुरू करने का अवसर दिया।
समूह के सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह – लाजो ने स्व-सहायता समूह से मिले एक लाख रुपए के ऋण को अपनी आजीविका का आधार बनाया। खेती का साधन नहीं होने के बावजूद उन्होंने दुकान और ठेले के माध्यम से आय का स्रोत तैयार किया। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग और मेहनत से ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के जरिए परिवार की आजीविका को मजबूत कर सकती हैं।

