PTV BHARAT 06 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा की कहानी : बिहान से जुड़कर कृषि सखी बनीं आशा, ग्रामीणों को जैविक खेती के लिए कर रहीं प्रेरित – कोण्डागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम पारोंड निवासी आशा मानिकपुरी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के गीतांजली स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। वर्तमान में वे कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए किसानों को बेहतर और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दे रही हैं।
जैविक खेती के लिए किसानों को कर रहीं जागरूक – आशा ग्रामीणों को जैविक खाद के उपयोग, जैविक कीटनाशक तैयार करने और श्रीविधि से खेती की जानकारी देती हैं। इसके साथ ही फसलों में होने वाले विभिन्न रोगों की पहचान और उनके उपचार के संबंध में भी किसानों को मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीणों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और महिला किसान भी कृषि गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं।
बिहान से मिला अपनी क्षमता को आगे बढ़ाने का अवसर – आशा बताती हैं कि बिहान के स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी क्षमता और अनुभव का उपयोग करने का अवसर मिला। कृषि सखी के रूप में वे किसानों को नई कृषि तकनीकों की जानकारी देने के साथ स्वयं भी अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।
ग्रामीण बदलाव की सहभागी बनीं आशा – आशा की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए उदाहरण बन रही है। बिहान से मिले अवसर ने उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के साथ गांव के किसानों और महिलाओं को जैविक एवं टिकाऊ खेती की दिशा में प्रेरित करने का अवसर दिया है।

