PTV BHARAT 3 NOVEMBER 2026 – खैरागढ़-छुईखदान-गंडई : राज्योत्सव का भव्य आयोजन, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के गौरवशाली अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के राज फतेह सिंह खेल मैदान में राज्योत्सव 2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक है।
विभागीय प्रदर्शनी स्टॉलों का किया अवलोकन
मुख्य अतिथि मंत्री दयालदास बघेल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय उपलब्धियों और विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न कार्यक्रमों के उद्घाटन में भी सहभागिता की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। जनकल्याण और विकास के कार्यों में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, लोकसंस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिली। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को उत्साह और उल्लास से भर दिया। लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कला और लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। मंत्री बघेल ने कार्यक्रमों का आनंद लिया और कलाकारों की प्रतिभा एवं प्रस्तुतियों की सराहना की।
मंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं के साथ-साथ यहां की अनूठी लोकसंस्कृति, परंपराओं, कला और मेहनतकश लोगों से भी है। राज्योत्सव अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और प्रदेश की विकास यात्रा पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और समाज के सभी वर्गों के सशक्तिकरण के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक संकल्प, एकजुटता और जनभागीदारी से ही प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। राज्योत्सव का यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता, लोकपरंपराओं और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

