PTV BHARAT 30 MAY 2025 नई दिल्ली। एजेंसी बोगोटा। कोलंबिया में ऑल पार्टी डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान से सिंधु जल संधि पर करार अच्छी नीयत और सौहार्द के भाव से 1960 में की थी। लेकिन पिछले चार दशकों से पाकिस्तान की ओर से प्रायोजित आतंकवाद के कारण इस अच्छे नीयत का बार-बार अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल आत्मरक्षा के अपने हक का इस्तेमाल कर रहा है। बोगोटा में बोलते हुए थरूर ने कहा कि दशकों तक आतंकवाद और संघर्ष झेलने के बावजूद यह संधि लागू रही। लेकिन अब मौजूदा भारतीय सरकार ने इस संधि को स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा, “सिंधु जल संधि को भारत ने 1960 के दशक में नेक नीयत और सौहार्द के साथ पाकिस्तान को दिया था। संधि के प्रस्तावना में ये शब्द मौजूद हैं।” अफसोस कि इस अच्छी नीयत का बार-बार आतंकवादी हमलों के जरिए उल्लंघन हुआ। भले ही हमें आतंकवाद और जंग का सामना करना पड़ा, संधि लागू रही, लेकिन इस बार हमारी सरकार ने इसे स्थगित कर दिया है। इसका मतलब है कि संधि के कामकाज को तब तक रोका गया है जब तक पाकिस्तान से संतोषजनक संकेत नहीं मिलते कि वे संधि की प्रस्तावना में बताए गए सौहार्द के भाव के साथ व्यवहार करने को तैयार हैं।” कांग्रेस नेता और ऑल पार्टी डिलगेशन ग्रुप V के लीडर शशि थरूर ने आगे कहा कि भारत ने इस संधि के तहत अपनी उदारता दिखाई है। उन्होंने बताया कि भारत, एक ऊपरी तटवर्ती देश होने के नाते, पाकिस्तान को संधि के तहत पानी का पूरा हक देता रहा है, जबकि भारत ने अपने हिस्से का पूरा पानी भी इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा, “हम एक ऊपरी तटवर्ती देश हैं। हमने पाकिस्तान को संधि के तहत पानी बहुत उदारता से दिया और अपने हिस्से का पूरा पानी भी इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन अब केवल नेकनीयति के आधार पर चलने का वक्त नहीं रहा।”
अब सिर्फ दयालु बनकर काम नहीं चलेगा-शशि थरूर
