PTV BHARAT 04 MAY 2026 कबीरधाम – निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल औपचारिक समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने उस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चुना, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। उनके इस व्यवहार ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल नीति और कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर उसे महसूस करने और जीने की प्रक्रिया है।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में कार्य कर रहीं श्रमिक बहनों के बीच जाकर कुछ समय उनके साथ ईंट जोड़ाई में हाथ बँटाया। इसी दौरान श्रमिक बहन संगीता ने पूरे आत्मीय अधिकार और सहजता के साथ मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री से कहा – “ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।” यह संवाद एक सामान्य वाक्य से कहीं अधिक था; इसमें वह विश्वास झलकता है, जो आज सरकार और जनता के बीच विकसित हो रहा है। यह वह स्थिति है, जहाँ आम नागरिक बिना झिझक अपनी बात रखता है और नेतृत्व उसे उसी सहजता से स्वीकार करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जनता के साथ मिलकर धरातल पर साकार करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता का रिश्ता बनता है, तभी विकास की प्रक्रिया प्रभावी और स्थायी बनती है। उनके अनुसार, यही आत्मीयता और साझेदारी सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।
निर्माण स्थल पर मुख्यमंत्री का श्रमदान : श्रमिक बहनों के साथ की ईंट जोड़ाई
