रायपुर : हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह

PTV BHARAT 6 JULY 2026 रायपुर : हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह – सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम केशगंवा में किसान नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर हरी खाद के रूप में खेत में पलट दी है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे।

कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नरेंद्र सिंह ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद का उपयोग शुरू किया है। फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलटने पर यह सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में बदल जाती है, जिससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ और आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी फसलें मिट्टी को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन उपलब्ध कराने के साथ फास्फोरस, जिंक और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता में सुधार होता है तथा जड़ों का बेहतर विकास होता है।

हरी खाद से खेतों में नमी लंबे समय तक बनी रहती है, सिंचाई की आवश्यकता कम होती है और खरपतवारों की वृद्धि को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। कृषि विभाग ने किसानों से धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई और अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करने की अपील की है।

इस पद्धति से रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम करने, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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