बेमेतरा : दुर्ग संभाग में स्मार्ट मीटर की सटीकता प्रमाणित, 6.90 लाख से अधिक घरों में सफलतापूर्वक स्थापना

PTV BHARAT 15 JULY 2026 बेमेतरा : दुर्ग संभाग में स्मार्ट मीटर की सटीकता प्रमाणित, 6.90 लाख से अधिक घरों में सफलतापूर्वक स्थापना – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र ने स्पष्ट किया है कि विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में स्थापित किए जा रहे स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सटीक, विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित हैं। विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिजली बिल को लेकर प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष तकनीकी जांच में सभी मीटर शत-प्रतिशत सही पाए गए हैं।

सीएसपीडीसीएल के अनुसार दुर्ग एवं बेमेतरा जिले के 21 उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटर एवं बिलिंग संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन सभी मामलों में संबंधित मीटरों की विभागीय मीटर लैब में विस्तृत तकनीकी जांच कराई गई। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि किसी भी मीटर में तकनीकी खराबी अथवा रीडिंग संबंधी कोई त्रुटि नहीं है। इससे स्मार्ट मीटर की सटीकता एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली की पुष्टि हुई है।

दुर्ग विद्युत रीजन के अंतर्गत आने वाले दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य तेजी से जारी है। लगभग 9 लाख 80 हजार निम्नदाब उपभोक्ताओं में से अब तक 6 लाख 90 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अर्थात तीनों जिलों के लगभग 82 प्रतिशत उपभोक्ता आधुनिक स्मार्ट मीटर व्यवस्था से जुड़ चुके हैं और इसकी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता अब अपनी बिजली खपत का विवरण हर आधे घंटे में देख सकते हैं। “मोर बिजली” मोबाइल एप के जरिए बिजली उपयोग की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है, जिससे उपभोक्ता यह जान सकते हैं कि दिन के किस समय सबसे अधिक बिजली की खपत हो रही है। इससे बिजली की बचत करने और अनावश्यक खर्च कम करने में सहायता मिलेगी।

स्मार्ट मीटर में पोस्टपेड और प्रीपेड दोनों प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। प्रीपेड विकल्प अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही बैंक खाते की तरह मोबाइल पर ही बिजली खपत एवं बैलेंस की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।

दुर्ग विद्युत रीजन के अंतर्गत अब तक भिलाई शहर पश्चिम संभाग में 77,487, भिलाई पूर्व संभाग में 56,648, दुर्ग शहर संभाग में 70,018, बालोद संभाग में 1,33,988, दुर्ग संभाग में 1,00,782, बेमेतरा संभाग में 66,418, साजा संभाग में 62,417, अहिवारा संभाग में 61,817 तथा पाटन संभाग में 60,452 निम्नदाब उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ इसकी रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग है। इससे उपभोक्ता बिजली की खपत का नियमित विश्लेषण कर सकते हैं और आवश्यकता अनुसार अपनी बिजली खपत कम कर बिजली बिल में बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने से मीटर रीडिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो गई है तथा बिलिंग व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी एवं सटीक हुई है। उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल या मीटर रीडिंग को लेकर किसी प्रकार की शंका हो, तो वह संबंधित विद्युत कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा मीटर की कार्यप्रणाली, रीडिंग एवं बिलिंग प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जाती है। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो तत्काल बिल में आवश्यक संशोधन कर सुधार किया जाता है।

कार्यपालक निदेशक सेलट ने बताया कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के मीटरिंग कोड तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश के सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं के पुराने बिजली मीटरों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। यह कार्य केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से पुनरुद्धारित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।

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