बेमेतरा : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं एवं कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी

PTV BHARAT 19 AUGUST 2026 – बेमेतरा : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी – कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन और जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिले के सभी 46 सेक्टरों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 27 जुलाई से 1 सितंबर 2026 तक संवेदीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सेक्टर नवागांव कला और सेक्टर कन्हेरा के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ग्राम खाती स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा विभागीय सेवाओं की जानकारी देना रहा, ताकि वे जरूरतमंद महिलाओं, बच्चों और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से दिला सकें।

बाल संरक्षण और चाइल्ड हेल्पलाइन की दी जानकारी

जिला परियोजना समन्वयक राजेंद्र चंद्रवंशी ने बाल अपराध की रोकथाम और चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए बाल अपराध की स्थिति में तत्काल सूचना तंत्र सक्रिय करने पर जोर दिया।

उन्होंने बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान कर समय पर रेस्क्यू एवं पुनर्वास से जोड़ने, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने तथा बच्चों और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।

देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए फॉस्टर केयर योजना की पात्रता और दिशा-निर्देशों के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन की 24×7 आपातकालीन सुरक्षा, परामर्श एवं सहायता सेवाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण और योजनाओं पर मार्गदर्शन

मिशन शक्ति की जेंडर विशेषज्ञ सेवंतिका साहू ने महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के विषय में जानकारी दी। उन्होंने मिशन शक्ति के विभिन्न घटकों तथा महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं के बारे में बताया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), सक्षम ऋण योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं से कराया अवगत

सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्मिक वकील रामेश्वरी साहू ने हिंसा एवं उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर 24 घंटे आपातकालीन सहायता, निःशुल्क विधिक सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, परामर्श और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जरूरतमंद महिलाओं को इन सेवाओं की जानकारी देकर समय पर सहायता दिलाने में सहयोग करने की अपील की।

वैध दत्तक ग्रहण और बाल न्याय व्यवस्था की जानकारी

जिला बाल संरक्षण इकाई की आउटरीच वर्कर अनीता सोनवानी ने दत्तक ग्रहण और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अनाथ, लावारिस एवं समर्पित बच्चों के वैध दत्तक ग्रहण के लिए CARA की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने तथा अवैध दत्तक ग्रहण की रोकथाम पर जोर दिया।

उन्होंने जिला बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बच्चों के सर्वोत्तम हित, संरक्षण और पुनर्वास में दोनों संस्थाओं की भूमिका समझाई।

कार्यशाला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों और विभागीय योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद हितग्राहियों को समय पर शासकीय सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

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