PTV BHARAT 21 AUGUST 2026 – रायपुर : पेंशन सत्यापन की बदली तस्वीर, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से बुजुर्गों को बड़ी राहत – राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की सुविधा से पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हुई है। इससे प्रदेश के बुजुर्ग लाभार्थियों को हर वर्ष जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए बार-बार कार्यालयों और बैंकों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।
डिजिटल सत्यापन से गौती बाई को मिल रही नियमित पेंशन
लाभार्थी श्रीमती गौती बाई प्रतिवर्ष समय पर ‘लाभार्थी सत्यापन एप्लीकेशन’ के माध्यम से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र दर्ज कराती हैं। डिजिटल सत्यापन पूरा होने के बाद उनकी पात्रता का सत्यापन आसानी से हो जाता है और उन्हें नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन की राशि प्राप्त होती रहती है।
पहले अधिक उम्र और शारीरिक कठिनाइयों के कारण कार्यालयों में जाकर जीवन प्रमाण-पत्र जमा करना उनके लिए परेशानी का कारण बनता था। अब डिजिटल प्रक्रिया ने इस समस्या को काफी हद तक आसान कर दिया है।
पेंशन से दैनिक जरूरतों और दवाइयों में मदद
गौती बाई बताती हैं कि समय पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट दर्ज होने से उनकी पेंशन नियमित रूप से खाते में पहुंच जाती है। पेंशन की राशि से वे दवाइयों, दैनिक जरूरतों और घरेलू खर्चों की व्यवस्था कर पा रही हैं।
उनके लिए नियमित पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान का आधार भी है।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और सुविधा
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में तकनीक के उपयोग का उदाहरण है। इससे पेंशन सत्यापन और वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।
यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देने के साथ उन्हें नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

