रायपुर : जशपुर में होमस्टे पर्यटन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती

PTV BHARAT 21 AUGUST 2026 – रायपुर : जशपुर में होमस्टे पर्यटन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती – जशपुर जिले में पर्यटन को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में होमस्टे मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विकसित हो रहे होमस्टे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय का माध्यम बनने के साथ जशपुर की आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली को पर्यटकों तक पहुंचाने का जरिया बन रहे हैं।

केरे गांव बना ग्रामीण पर्यटन का मॉडल

देशदेखा पर्यटन स्थल के पास स्थित केरे गांव का ग्रामीण होमस्टे विशेष पहचान बना रहा है। यहां 4 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और 4 अप्रैल 2026 को राज्यपाल रमेन डेका ने होमस्टे का अवलोकन किया।

दोनों अतिथियों ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीके से तैयार व्यंजनों का स्वाद लिया और स्थानीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन तथा आतिथ्य परंपरा का अनुभव किया।

केरे को बनाया जा रहा मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज

ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए Homestays of India टीम जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। 25 जनवरी 2026 को Homestays of India, छत्तीसगढ़ सरकार और जशपुर जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की गई।

इसका उद्देश्य पर्यटकों को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्थानीय ग्रामीण जीवन, परंपरा, खान-पान, संस्कृति और प्रकृति से सीधे जोड़ना है।

ग्रामीण परिवारों को मिल रहे रोजगार के अवसर

जिले में केरे, छिछली र, दनगरी, मयाली और घोघरा (बलाझार) सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर होमस्टे विकसित एवं सूचीबद्ध हैं। इनके जरिए ग्रामीण परिवार आवास और आतिथ्य सेवाओं के अलावा स्थानीय भोजन, गाइडिंग, प्रकृति भ्रमण और अन्य पर्यटन गतिविधियों से आय अर्जित कर रहे हैं।

इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन कम करने और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

प्रकृति और संस्कृति का अनुभव दे रहे होमस्टे

जशपुर के होमस्टे पर्यटकों को ट्रेकिंग, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग, ग्राम भ्रमण और कृषि गतिविधियों में सहभागिता जैसे अनुभव उपलब्ध करा रहे हैं।

इसके साथ पर्यटक पारंपरिक भोजन और जनजातीय संस्कृति को करीब से समझ पा रहे हैं। इससे पर्यटन का लाभ स्थानीय समुदाय तक सीधे पहुंच रहा है।

जशपुर की पहचान को मिल रहा नया विस्तार

हरी-भरी वादियों, पहाड़ों, जलप्रपातों, नदियों, जंगलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के कारण जशपुर तेजी से पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। होमस्टे मॉडल ने पर्यटन विकास को स्थानीय आजीविका से जोड़कर इसे अधिक समावेशी और टिकाऊ स्वरूप दिया है।

जिला प्रशासन की यह पहल पर्यटन को केवल घूमने-फिरने की गतिविधि से आगे ले जाकर ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उद्यमिता और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम बना रही है।

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