PTV BHARAT 21 AUGUST 2026 – रायपुर : पक्की छत के साथ मिली आजीविका की नई राह – प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल सुरक्षित आवास का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आधार भी बन रही है। जशपुर जिले के तपकरा निवासी घुरा राम की कहानी इसका उदाहरण है।
कच्चे मकान से पक्के घर तक का सफर
घुरा राम पहले अपने परिवार के साथ छोटे से कच्चे मकान में रहते थे। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और मौसम की परेशानियों के कारण परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद शासन से मिली सहायता से उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक घर में रह रहा है।
घर बना रोजगार का जरिया
नए मकान ने घुरा राम के लिए केवल सुरक्षित आवास ही नहीं, बल्कि आजीविका का नया अवसर भी तैयार किया। उन्होंने अपने घर में ही एक छोटी दुकान शुरू कर ली है। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिला और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी।
इस तरह पक्के आवास ने उन्हें मौसम से सुरक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए जगह भी उपलब्ध कराई।
पक्की छत के साथ आत्मनिर्भरता की राह
घुरा राम बताते हैं कि पहले कच्चे मकान में हर बारिश चिंता लेकर आती थी। अब पक्का घर होने से परिवार सुरक्षित और निश्चिंत है। घर में दुकान शुरू होने से आमदनी का जरिया भी बन गया है।
उनके अनुसार, योजना ने उन्हें केवल रहने के लिए घर नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की यह कहानी बताती है कि सुरक्षित आवास मिलने के बाद वही संपत्ति परिवार के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार भी बन सकती है। जशपुर में घुरा राम का अनुभव पक्की छत और आजीविका के बीच बने ऐसे ही सकारात्मक संबंध को सामने लाता है।

