PTV BHARAT 2 NOVEMBER 2026 – रायपुर : राज्योत्सव में परिवहन विभाग की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र, मौके पर बन रहे निःशुल्क बस पास
छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल में परिवहन विभाग की प्रदर्शनी लोगों का ध्यान खींच रही है। “सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा” और “सुरक्षित यात्रा, समृद्ध छत्तीसगढ़” की थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ पात्र हितग्राहियों के मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के निःशुल्क पास मौके पर ही बनाए जा रहे हैं। प्रदर्शनी के मुख्य द्वार को बस की प्रतिकृति, ट्रैफिक सिग्नल और बड़ी एलईडी स्क्रीन से सजाया गया है, जिस पर सड़क सुरक्षा से संबंधित वीडियो दिखाए जा रहे हैं।
पात्र हितग्राहियों को तत्काल मिल रहे निःशुल्क बस पास
प्रदर्शनी स्थल पर दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निःशुल्क बस पास बनाए जा रहे हैं। नेत्रहीन एवं बौद्धिक दिव्यांगजन, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांगजन, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और एचआईवी-एड्स से प्रभावित व्यक्ति छत्तीसगढ़ में यात्रा के लिए 100 प्रतिशत किराया छूट के पात्र हैं। उनके एक सहायक को भी यह छूट दी जाती है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को एक दिन में सर्वाधिक निःशुल्क बस पास वितरित करने के लिए परिवहन विभाग का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। मौके पर पास बनने से हितग्राहियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
सड़क सुरक्षा के प्रति किया जा रहा जागरूक
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ी संदेश—“आवव करन अपन सुरक्षा बर पांच परन, काबर जान हावय त जहान हावय”—के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात नहीं करने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की जा रही है। चित्रों और मॉडल के जरिए इन नियमों को सरल तरीके से समझाया जा रहा है।
दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज की जानकारी
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री राहत योजना के बारे में भी बताया जा रहा है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। लोगों को बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण है। आपात स्थिति में 108 या 112 हेल्पलाइन पर कॉल करने की अपील भी की जा रही है।
ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण व्यवस्था में सुधार
राज्य में ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) और रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) स्थापित किए जा रहे हैं। कुल 16 केंद्रों को अनुमति दी गई है। इनमें जगदलपुर और बिलासपुर में दो आरडीटीसी तथा दंतेवाड़ा, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा, सरगुजा, राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा में दो, कबीरधाम, दुर्ग, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद में डीटीसी शामिल हैं। ड्राइविंग टेस्ट में पारदर्शिता लाने के लिए सीसीटीवी और सेंसर आधारित कम्प्यूटरीकृत ई-ट्रैक प्रणाली भी शुरू की गई है।
ग्रामीण बस सेवा और वाहन स्क्रैपिंग की जानकारी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बस सेवा पहुंचाना है। इसके प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग में 100 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत शासन की ओर से प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रथम वर्ष 26 रुपये, द्वितीय वर्ष 24 रुपये और तृतीय वर्ष 22 रुपये निर्धारित की गई है।
वहीं, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के अंतर्गत अब तक 6,278 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं, जिनमें 3,336 शासकीय वाहन शामिल हैं। रायपुर में दो और दुर्ग में एक स्क्रैपिंग केंद्र शुरू हो चुका है।
प्रदर्शनी देखने पहुंचे ग्राम तुलसी के अमन श्रीवास ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि यहां योजनाओं की जानकारी के साथ निःशुल्क बस पास भी तत्काल बनाए जा रहे हैं। यह सुविधा बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने सड़क सुरक्षा के पांच नियमों को छत्तीसगढ़ी में समझाने की पहल की भी सराहना की।

