PTV BHARAT 25 MAY 2025 नई दिल्ली। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के परिणामस्वरूप पानी की भारी किल्लत से कराहता पाकिस्तान अब मौजूदा स्थिति और चुनौती से निपटने के लिए जल-मंथन में जुट गया है। भारत के हाथों हाल के संघर्ष में बुरी तरह पिटने के बाद पड़ोसी देश अपने शोधकर्ताओं के परामर्श के सहारे जल संकट से उबरने की कवायद कर रहा है। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस बाबत कराची में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट आफ इंटरनेशनल अफेयर्स (पीआइआइए) ने ‘भारत-पाकिस्तान संघर्ष’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया। पीआइआइए की अध्यक्ष डॉ. मासूमा हसन ने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया और पाकिस्तान ने 1972 के शिमला समझौते को निलंबित कर दिया।मोहम्मद उस्मान ने ‘जल संपदा और संसाधन’ पर एक शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अगर भारत, पाकिस्तान के लिए पानी का प्रवाह रोक देता है तो इससे उसके अपने ही ऊपरी इलाकों में बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा, “लेकिन, अगर वे सूखे मौसम के दौरान हमारा पानी रोक देते हैं तो यह हमारे लिए चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि पानी का प्रवाह कम होता है और भंडारण सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह हमारे किसानों को प्रभावित कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कम पैदावार हो सकती है।”
बूंद-बूंद को तरस रहा पाकिस्तान घुटनों पर आया
