PTV BHARAT 23 AUGUST 2026 – जशपुर : 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिला नि:शुल्क फॉस्टेक प्रशिक्षण – खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला जशपुर द्वारा जिला पंचायत के संवाद सभागार में 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को नि:शुल्क फॉस्टेक यानी खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन दिया गया। कार्यक्रम नेस्ले इंडिया और नासवी के सहयोग से आयोजित किया गया।
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की दी जानकारी
प्रशिक्षण में चाय-नाश्ता, भोजन ठेला, टपरी, जलेबी-पकौड़ा-भजिया, चाट-गुपचुप, इडली-डोसा, जूस-लस्सी-शेक, फास्ट फूड, मोमोज, चाइनीज फूड और आइसक्रीम-फलूदा सहित विभिन्न खाद्य कारोबार से जुड़े विक्रेता शामिल हुए।
विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों की सुरक्षित एवं स्वच्छ तैयारी, उचित तरीके से परोसने और व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक स्वच्छता से जुड़े मानकों की जानकारी दी गई। ग्राहकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र और हाईजीन किट
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी 200 विक्रेताओं को फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रमाण पत्र और हाईजीन किट नि:शुल्क प्रदान की गई।
हाईजीन किट में एप्रन, टोपी, हेड कवर, हाथ के दस्ताने, किचन तौलिया, हाथ धोने का साबुन और ‘गोल्डन रूल’ चार्ट शामिल हैं।
पांच वर्ष के लिए नि:शुल्क खाद्य पंजीयन
विभाग के अनुसार एफएसएसएआई की योजना के तहत पात्र स्ट्रीट फूड विक्रेता आवेदन कर पांच वर्ष के लिए नि:शुल्क खाद्य पंजीयन प्राप्त कर सकते हैं। इससे छोटे खाद्य कारोबारियों को औपचारिक खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
कम तेल, नमक और शक्कर के इस्तेमाल का संदेश
कार्यक्रम में ‘ईट राइट’ अभियान के तहत विक्रेताओं को भोजन में कम तेल, कम नमक और कम शक्कर के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके लिए पोस्टर और पर्चे वितरित किए गए, जिन्हें विक्रेता अपनी दुकानों पर लगाकर ग्राहकों को भी जागरूक कर सकेंगे।
अभिहित अधिकारी सागर दत्ता ने कहा कि जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण, मानक और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रखे जाएंगे।

