PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – बस्तर : बैंक सखी बनकर ग्रामीणों के लिए सहूलियत का माध्यम बनीं ललिता बघेल – बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के डोंगरीगुड़ा की ललिता बघेल वर्ष 2019 से बैंक सखी के रूप में ग्रामीणों तक बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं पहुंचा रही हैं। उनकी पहल से दूरस्थ गांवों के लोगों को बैंकिंग कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने और अतिरिक्त समय-खर्च से राहत मिली है।
तीन ग्राम पंचायतों में पहुंचा रहीं बैंकिंग सेवाएं
ललिता बघेल डोंगरीगुड़ा, कलेपाल और बुरंगपाल ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि का भुगतान उपलब्ध करा रही हैं।
स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधा मिलने से विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद हितग्राहियों को अपने गांव के आसपास ही राशि प्राप्त करने में सुविधा हो रही है।
चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
ललिता द्वारा ग्रामीणों को पेंशन, महतारी वंदन योजना की सहायता राशि, छात्रवृत्ति के साथ मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय भुगतान की सुविधा भी दी जा रही है।
वर्ष 2019 से अब तक वह चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ग्रामीणों को भुगतान कर चुकी हैं।
बैंकिंग के साथ डिजिटल सरकारी सेवाएं
ललिता की सेवाएं केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं हैं। लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वह ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, पैन कार्ड, श्रम कार्ड, बैंक खाता खोलने, किसान सम्मान निधि पंजीयन और एग्रीस्टैक पंजीयन जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं।
इन सेवाओं के स्थानीय स्तर पर मिलने से ग्रामीणों और किसानों को दूर स्थित कार्यालयों और बैंकों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
ग्रामीणों के बीच बनीं ‘बैंक दीदी’
स्नातक शिक्षित ललिता बघेल अपने सहयोगी व्यवहार और नियमित सेवाओं के कारण ग्रामीणों के बीच ‘बैंक दीदी’ के नाम से पहचान बना चुकी हैं।
उनका कहना है कि ग्रामीणों की मदद करने से उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है और लोगों का विश्वास उन्हें अपने काम को और बेहतर करने की प्रेरणा देता है।
स्वरोजगार से परिवार को भी आर्थिक सहयोग
बैंक सखी के रूप में काम करने के साथ ललिता अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रही हैं। वह अपने पिता सोमारू बघेल की खेती-किसानी में भी सहयोग देती हैं।
ललिता की कहानी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और वित्तीय सेवाओं का विस्तार महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करने के साथ स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सेवाओं को उनके घर-द्वार तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

