कोरिया : 84 बालिका विद्यालयों में बनेंगे आधुनिक शौचालय, छात्राओं को मिलेगा सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण

PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – कोरिया : 84 बालिका विद्यालयों में बनेंगे आधुनिक शौचालय, छात्राओं को मिलेगा सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण – कोरिया जिले में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत जिले के 84 बालिका विद्यालयों में नए शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए 3 करोड़ 61 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है और संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के आधार पर बनी कार्ययोजना

बालिका विद्यालयों में शौचालयों की आवश्यकता का आकलन शिक्षा विभाग से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किया गया। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मैदानी टीम ने संबंधित स्थलों का निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण किया।

मानक प्राक्कलन के अनुसार 84 विद्यालयों में निर्माण को स्वीकृति दी गई और संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हर शौचालय के लिए 4.30 लाख रुपये

जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने बताया कि प्रत्येक शौचालय के लिए लगभग 4.30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 59 हजार रुपये मजदूरी और 3.71 लाख रुपये सामग्री मद के लिए निर्धारित हैं।

सभी निर्माण कार्यों को आगामी चार महीनों में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता के साथ बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान पर जोर

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सुविधा नहीं, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से भी सीधे जुड़ी है।

विद्यालयों में पानी की उपलब्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण शौचालय मिलने से छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा, उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ सकती है और पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

शिक्षा के साथ सशक्तीकरण को मिलेगा आधार

कलेक्टर ने कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना के माध्यम से जिले में ऐसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ बालिकाओं के सशक्तीकरण और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *