PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – मरवाही : विष्णु भैया के सुशासन ने बदली सुमन लता की जिंदगी – मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की सुमन लता वाकरे ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की और आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। वह मां महामाया महिला स्व-सहायता समूह की सचिव भी हैं।
15 हजार रुपये की आरएफ राशि से शुरू हुई नई राह
सुमन लता को स्व-सहायता समूह के माध्यम से 15 हजार रुपये की आरएफ राशि मिली। इसके बाद समूह को प्राप्त 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि में से 20 हजार रुपये का उपयोग उन्होंने किराना दुकान शुरू करने के लिए किया।
छोटे स्तर से शुरू हुआ कारोबार धीरे-धीरे बढ़ा। बाद में उन्होंने बैंक ऋण लेकर दुकान का विस्तार किया। आज उनकी किराना दुकान पहले से काफी बड़ी हो चुकी है और इससे उन्हें हर वर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है।
आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
सुमन लता के अनुसार स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। आर्थिक सहयोग और अवसर मिलने से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला मिला।
किराना व्यवसाय के विस्तार से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और सुमन लता स्वयं अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है।
महतारी वंदन की 31 किस्तों का भी मिला लाभ
सुमन लता को महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने नियमित सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और स्व-सहायता समूहों से मिलने वाले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर दिया है।
‘लखपति दीदी’ बनकर बनीं प्रेरणा
सुमन लता वाकरे की कहानी सिर्फ एक किराना दुकान के विस्तार की नहीं, बल्कि एक ग्रामीण महिला के आर्थिक आत्मनिर्भरता तक पहुंचने के सफर की कहानी है। समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बैंक ऋण, मेहनत और व्यवसाय के प्रति समर्पण ने उन्हें ‘लखपति दीदी’ की पहचान दिलाई।
उनकी किराना दुकान आज उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास की पहचान बन चुकी है और उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे स्तर से अपना रोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बनना चाहती हैं।

