​रायपुर : ​सफलता की नई उड़ान : पारंपरिक मजबूरी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर

PTV BHARAT 5 JULY 2026 रायपुर : सफलता की नई उड़ान, पारंपरिक मजबूरी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर – दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन के दम पर नारायणपुर जिले के ग्राम भाटपाल की रहने वाली अनिता वड्डे ने आर्थिक तंगी से निकलकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है।

चुनौतियों भरा था शुरुआती सफर

कुछ समय पहले तक अनिता के परिवार की आजीविका का मुख्य साधन सीमित खेती और अस्थायी मजदूरी थी। आमदनी इतनी कम थी कि घर की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल था। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया।

‘बिहान’ ने जगाया आत्मनिर्भरता का विश्वास

अनिता के जीवन में बदलाव तब आया जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत ‘जीवन स्व-सहायता समूह’ से जुड़ीं। समूह की बैठकों, बचत की आदत और वित्तीय प्रबंधन ने उनमें आत्मविश्वास पैदा किया। इसी दौरान उन्हें बिहान की एकीकृत कृषि क्लस्टर (आईएफसी) परियोजना की जानकारी मिली और उन्होंने आधुनिक एवं वैज्ञानिक आजीविका पद्धतियों को अपनाया।

वैज्ञानिक पद्धतियों से मिली सफलता

आईएफसी क्लस्टर से मिले प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से उन्होंने 1,500 चूजों की ब्रूडिंग शुरू की और स्थानीय किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले चूजों की आपूर्ति करने लगीं। संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और बेहतर प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उन्होंने मुर्गीपालन व्यवसाय में सफलता हासिल की। शुरुआती चरण में ही उन्हें 16 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई।

अब लक्ष्य 30 हजार रुपये प्रतिमाह

इस सफलता से उत्साहित अनिता अब अपने व्यवसाय का लगातार विस्तार कर रही हैं। उनका लक्ष्य इस आजीविका से हर महीने 30 हजार रुपये तक की नियमित आय अर्जित करना है।

आज उनका परिवार सुरक्षित और समृद्ध जीवन जी रहा है। अनिता न केवल अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी कहानी बताती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

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