PTV BHARAT 7 JULY 2026 रायपुर : वैज्ञानिक पशुपालन से आत्मनिर्भरता की राह – छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक पशुपालन ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम जोरातराई की महिला पशुपालक समूह को पशुधन विकास विभाग द्वारा धमतरी जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया, जहां उन्होंने आधुनिक डेयरी प्रबंधन और उन्नत पशुपालन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान महिलाओं को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, संतुलित पोषण और आधुनिक पशु प्रबंधन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के तरीके बताए गए। विशेषज्ञों ने समझाया कि वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर कम लागत में अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
महिलाओं को हरे चारे के उत्पादन और संरक्षण की तकनीक के साथ-साथ पुआल को यूरिया, नमक और चूने से उपचारित कर उसकी गुणवत्ता बढ़ाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम में पशु प्रजनन विशेषज्ञों ने नस्ल सुधार, नियमित टीकाकरण और पशुओं को बीमारियों से बचाने के उपायों की जानकारी दी। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारियों ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और निःशुल्क पशु स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया।
गौधाम और गौशाला की उन्नत व्यवस्थाओं से प्रेरित महिला पशुपालकों ने अपने गांवों में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उन्नत पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने का संकल्प लिया। पशुधन विकास विभाग की इस पहल को ग्रामीण आजीविका सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

