PTV BHARAT 23 AUGUST 2026 – मनेंद्रगढ़ : मनेंद्रगढ़ महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट संस्थानों में करेंगे विकसित : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल – राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ में सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
NEP-2020 के तहत तीन नए विषय शुरू
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती ने बताया कि इस सत्र से हिन्दी साहित्य, इतिहास और प्राणीशास्त्र जैसे तीन नए विषय शुरू किए गए हैं। पहले से संचालित चार विषयों को मिलाकर अब महाविद्यालय में कुल सात विषयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने बाउंड्रीवाल, नवीन कक्ष, स्टेज और ऑडिटोरियम सहित विभिन्न अधोसंरचनात्मक जरूरतों की जानकारी भी दी।
नई शिक्षा नीति से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कॉलेज का समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण चरण है।
उन्होंने कहा कि NEP-2020 शिक्षा को विद्यार्थी-केंद्रित, कौशल आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विद्यार्थियों को नई तकनीक, कौशल, नवाचार और रचनात्मकता से जुड़कर अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रदेश के उत्कृष्ट कॉलेजों में विकसित करने का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ लगातार प्रगति कर रहा है और विद्यार्थियों की संख्या तथा शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट शासकीय महाविद्यालयों में विकसित करने का है। उन्होंने शिक्षा के साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित शिक्षा को भी जरूरी बताया।
मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज, चिरमिरी में हॉर्टिकल्चर एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज, मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी, झगराखांड में नर्सिंग और खड़गवां में कृषि कॉलेज जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
1.15 करोड़ रुपये के विकास कार्य
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में महाविद्यालय के विकास के लिए करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये के कार्य कराए गए हैं। उन्होंने महाविद्यालय में बाउंड्रीवाल, अधूरे स्टेज की छत तथा महिला एवं पुरुष प्रसाधन कक्ष के निर्माण की घोषणा की। ऑडिटोरियम के लिए भी आवश्यक पहल किए जाने की बात कही।
गुरु का सम्मान और तकनीक के साथ आगे बढ़ने का संदेश
विद्यार्थियों को गुरु के महत्व से अवगत कराते हुए मंत्री ने कबीरदास के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख किया और गुरुजनों के सम्मान की सीख दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने तथा आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का विकास करना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युवा ही विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

