PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – कोरिया : न्योता भोजन से बढ़ा बच्चों का उत्साह, शैक्षणिक प्रतिभा को मिला सम्मान – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत कोरिया जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दामुज में आयोजित न्योता भोजन कार्यक्रम बच्चों के लिए पढ़ाई, पोषण और प्रोत्साहन का उत्सव बन गया। कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के साथ उनकी शैक्षणिक प्रतिभा का भी सम्मान किया गया।
पढ़ाई के स्तर का किया आकलन
जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता ने विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के अध्ययन स्तर की समीक्षा की। उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों से पाठ्यपुस्तकों का वाचन कराया और गणित के पहाड़े पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का परीक्षण किया।
बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
35 तक के पहाड़े सुनाकर बच्चों ने किया प्रभावित
कक्षा 4वीं के छात्र विराट और कक्षा 5वीं के छात्र संकल्प तिवारी ने 35 तक के पहाड़े सुनाकर अपनी गणितीय दक्षता दिखाई। वहीं माध्यमिक शाला की कक्षा 8वीं की छात्रा चुलेश्वरी ने 25 तक के पहाड़े सुनाए।
विद्यार्थियों के प्रदर्शन से प्रभावित जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें सम्मानित किया और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों ने बांटी शैक्षणिक सामग्री
विद्यालय के शिक्षकों ने भी बच्चों के उत्साहवर्धन में सहयोग किया। प्राथमिक शाला के शिक्षक मान साय राजवाड़े और सुदीप चौबे के सहयोग से विद्यार्थियों को टाई, बेल्ट, कॉपी और पेंसिल वितरित की गई।
माध्यमिक शाला के शिक्षक शैलेश कुमार और उमेश कुमार पांडेय के सौजन्य से विद्यार्थियों को पेन और कॉपी प्रदान किए गए।
न्योता भोजन में दिखी सामुदायिक सहभागिता
कार्यक्रम में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और विद्यार्थी एक साथ बैठकर भोजन किए। इससे विद्यालय परिसर में आत्मीयता और सामाजिक सहभागिता का माहौल बना।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पौष्टिक भोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समाज की सहभागिता बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक-दूसरे के पूरक हैं।
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह, सरपंच सुशीला सोनपाकर, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत राजवाड़े, लांस नायक महेश मिश्रा सहित शिक्षक, ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे।
न्योता भोजन कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाना, उनके प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना और विद्यालय तथा समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करना रहा।

