PTV BHARAT 06 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : किराए के दो कमरों से सुविधायुक्त भवन तक, भाटापारा आंगनबाड़ी केंद्र को मिला अपना घर – सरगुजा जिले के भाटापारा आंगनबाड़ी केंद्र को नया और सुविधायुक्त भवन मिलने से बच्चों और माताओं के लिए सेवाओं का संचालन बेहतर हुआ है। पहले यह केंद्र किराए के मकान के दो छोटे कमरों में संचालित होता था, जहां सीमित जगह के कारण बच्चों के बैठने, सीखने और खेल-कूद में परेशानी होती थी। अब रंग-बिरंगे शैक्षणिक चित्रों से सजे नए भवन में बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं और पोषण व प्रारंभिक शिक्षा की गतिविधियां व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं।
11.69 लाख रुपए की लागत से बना नया भवन – विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत चठिरमा के बढ़निझरिया ग्राम में 11.69 लाख रुपए की लागत से नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया है। भवन निर्माण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला और कुल 439 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।
60 बच्चों और माताओं को मिल रही सेवाएं – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमित्रा व्यापारी के अनुसार केंद्र से वर्तमान में 60 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 22 और 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 38 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 8 शिशुवती और 9 गर्भवती माताएं भी केंद्र की सेवाओं से जुड़ी हैं।
बच्चों को नियमित पोषण आहार दिया जा रहा है, जबकि गर्भवती और शिशुवती माताओं को पूरक पोषण आहार के साथ पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जा रही है।
रंग-बिरंगी दीवारें बनीं बच्चों की पहली पाठशाला – नए भवन की दीवारों पर अक्षर, शिक्षाप्रद चित्र और आकर्षक कार्टून बच्चों के लिए सीखने के माहौल को रोचक बना रहे हैं। पर्याप्त जगह मिलने से बच्चे खेल, सामूहिक गतिविधियों और प्रारंभिक शिक्षा में बेहतर ढंग से भाग ले पा रहे हैं।
निर्माण से गांव में मिला रोजगार – आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के दौरान 439 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। इससे स्थानीय ग्रामीणों को गांव में ही काम मिला और एक स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्ति का निर्माण भी हुआ।
एक भवन से बदली सुविधाओं की तस्वीर – भाटापारा आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन केवल बच्चों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इससे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा, गर्भवती व शिशुवती माताओं को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार का अवसर मिला है। सेवा संकल्प अभियान के बीच यह बदलाव ग्रामीण अधोसंरचना के बहुआयामी लाभ को सामने लाता है।

